जन्माष्टमी की शुभकामनाएं | Krishna Janmashtami Wishes in Hindi

Updated: October 2026

जन्माष्टमी भगवान श्रीकृष्ण के जन्म का पावन दिन है — कंस के अत्याचार से धरती को मुक्त करने वाले बांके बिहारी का अवतरण। दही-हांडी, झूला-झुलाई और रात्रि जागरण के साथ यह त्योहार भक्ति का सागर बहा देता है।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

जन्माष्टमी कब है?

भाद्रपद माह की कृष्ण पक्ष की अष्टमी को — अगस्त-सितंबर के बीच।

व्रत में कैसी wishes भेजें?

भक्तिभाव वाली, श्रीकृष्ण की लीलाओं का जिक्र करती हुई शुभकामनाएं सबसे उपयुक्त।

बच्चों को Krishna के बारे में कैसे सिखाएं?

बाललीलाओं की कहानियों के साथ शुभकामनाएं भेजें — माखन चोरी, दही-हांडी की कथाएं।

नज़ीर अकबराबादी Shayari in Hindi

है रीत जनम की यों होती, जिस घर में बाला होता है।
उस मंडल में हर मन भीतर सुख चैन दोबाला होता है॥
Poet: नज़ीर अकबराबादी
Hai reet janam ki yon hoti, jis ghar mein baala hota hai.
Us mandal mein har man bheetar sukh chain dobaala hota hai.
Poet: नज़ीर अकबराबादी
जब साअत परगट होने की, वां आई मुकुट धरैया की।
अब आगे बात जनम की है, जै बोलो किशन कन्हैया की॥
Poet: नज़ीर अकबराबादी
Jab saa-at pargat hone ki, vaan aayi mukut dharaiya ki.
Ab aage baat janam ki hai, jai bolo Kishan Kanhaiya ki.
Poet: नज़ीर अकबराबादी
था नेक महीना भादों का, और दिन बुध, गिनती आठन की।
फिर आधी रात हुई जिस दम और हुआ नछत्तर रोहिनी भी॥
Poet: नज़ीर अकबराबादी
Tha nek mahina Bhaadon ka, aur din Budh, ginti aathan ki.
Phir aadhi raat hui jis dam aur hua nachhatar Rohini bhi.
Poet: नज़ीर अकबराबादी
वह बालक को जब ले निकले, सब सांकर पट पट छूट गए।
थे ताले जितने द्वार लगे, उस आन झड़ाझड़ टूट गए॥
Poet: नज़ीर अकबराबादी
Woh baalak ko jab le nikle, sab saankar pat pat chhoot gaye.
Thhe taale jitne dwaar lage, us aan jhadaajhad toot gaye.
Poet: नज़ीर अकबराबादी
तब पांव बढ़ाए बालक ने जो आपसे और भीगे जल में।
जब जमना ने पग चूम लिये, जा पहुंचे पार वह इक पल में॥
Poet: नज़ीर अकबराबादी
Tab paanv badhaaye baalak ne jo aapse aur bheege jal mein.
Jab Jamna ne pag choom liye, ja pahunche paar woh ik pal mein.
Poet: नज़ीर अकबराबादी
यारो सुनो! यह दधि के लुटैया का बालपन।
और मधुपुरी नगर के बसैया का बालपन॥
Poet: नज़ीर अकबराबादी
Yaaro suno! Yah dadhi ke lutaiya ka baalpan.
Aur Madhupuri nagar ke basaiya ka baalpan.
Poet: नज़ीर अकबराबादी
पाटी पकड़के चलने लगे जब मदन गोपाल।
धरती तमाम हो गई एक आन में निहाल॥
Poet: नज़ीर अकबराबादी
Paati pakadke chalne lage jab Madan Gopal.
Dharti tamaam ho gayi ek aan mein nihaal.
Poet: नज़ीर अकबराबादी
वह बालपन में देखते जीधर नज़र उठा।
पत्थर भी एक बार तो बन जाता मोम सा॥
Poet: नज़ीर अकबराबादी
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Woh baalpan mein dekhte jidhar nazar utha.
Patthar bhi ek baar to ban jaata mom sa.
Poet: नज़ीर अकबराबादी

सूरदास Shayari in Hindi

मैया! मैं नहिं माखन खायो।
जानि परै ये सखा सबै मिलि मेरो मुख लपटायो॥
Poet: सूरदास
Maiya! Main nahin maakhan khaayo.
Jaani parai ye sakha sabai mili mero mukh lapataayo.
Poet: सूरदास
देखि तुही छींके पर भाजन ऊँचे धरि लटकायो।
हौं जु कहत नान्हें कर अपने मैं कैसे करि पायो॥
Poet: सूरदास
Dekhi tuhi chheenke par bhaajan oonche dhari latkaayo.
Haun ju kahat naanhen kar apne main kaise kari paayo.
Poet: सूरदास
मुख दधि पोंछि बुद्धि इक कीन्हीं दोना पीठि दुरायो।
डारि सांटि मुसुकाइ जशोदा स्यामहिं कंठ लगायो॥
Poet: सूरदास
Mukh dadhi ponchhi buddhi ik keenhi dona peethi duraayo.
Daari saanti musukaai Jashoda Syaamhin kanth lagaayo.
Poet: सूरदास
सोभित कर नवनीत लिए।
घुटुरुनि चलत रेनु तन मंडित मुख दधि लेप किए॥
Poet: सूरदास
Sobhit kar navneet liye.
Ghutrurni chalat renu tan mandit mukh dadhi lep kiye.
Poet: सूरदास
कठुला कंठ वज्र केहरि नख राजत रुचिर हिए।
धन्य सूर एकौ पल इहिं सुख का सत कल्प जिए॥
Poet: सूरदास
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Kathula kanth vajra kehari nakh raajat ruchir hiye.
Dhanya Soor eko pal ihin sukh ka sat kalp jiye.
Poet: सूरदास
खेलत नंद-आंगन गोविन्द।
निरखि निरखि जसुमति सुख पावति बदन मनोहर चंद॥
Poet: सूरदास
Khelat Nand-aangan Govind.
Nirakhi nirakhi Jasumati sukh paavati badan manohar chand.
Poet: सूरदास
मैया मोहिं दाऊ बहुत खिझायौ ।
मोसौं कहत मोल कौ लीन्हौं, तू जसुमति कब जायौ ।
Poet: सूरदास
Maiya mohin Dau bahut khijhaayau.
Mosaun kahat mol kau leenhaun, tu Jasumati kab jaayau.
Poet: सूरदास
हरि अपनैं आँगन कछु गावत ।
तनक-तनक चरननि सौं नाचत , मनहिं मनहिं रिझावत ।
Poet: सूरदास
Hari apnain aangan kachhu gaavat.
Tanak-tanak charanani saun naachat, manahin manahin rijhaavat.
Poet: सूरदास

रसखान Shayari in Hindi

मानुस हौं तो वही रसखान, बसौं मिलि गोकुल गाँव के ग्वारन।
जो पसु हौं तो कहा बस मेरो, चरौं नित नंद की धेनु मँझारन॥
Poet: रसखान
Maanus haun to wahi Raskhaan, basaun mili Gokul gaanv ke gwaaran.
Jo pasu haun to kaha bas mero, charaun nit Nand ki dhenu manjhaaran.
Poet: रसखान
पाहन हौं तो वही गिरि को, जो धर्यो कर छत्र पुरंदर धारन।
जो खग हौं तो बसेरो करौं मिलि कालिंदीकूल कदम्ब की डारन॥
Poet: रसखान
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Paahan haun to wahi giri ko, jo dharyo kar chhatra Purandar dhaaran.
Jo khag haun to baseron karaun mili Kaalindi-kool kadamb ki daaran.
Poet: रसखान
धूरि भरे अति शोभित श्याम जू, तैसी बनी सिर सुन्दर चोटी।
खेलत खात फिरैं अँगना, पग पैंजनिया कटि पीरी कछौटी।।
Poet: रसखान
Dhoori bhare ati shobhit Shyam ju, taisi bani sir sundar chotee.
Khelat khaat phirain angna, pag painjaniya kati peeri kachhauti.
Poet: रसखान
वा छवि को रसखान विलोकत, वारत काम कलानिधि कोटी
काग के भाग कहा कहिए हरि हाथ सों ले गयो माखन रोटी।।
Poet: रसखान
Va chhavi ko Raskhaan vilokat, vaarat kaam kalaanidhi koti
Kaag ke bhaag kaha kahiye Hari haath son le gayo maakhan roti.
Poet: रसखान
सोहत है चँदवा सिर मोर को, तैसिय सुन्दर पाग कसी है।
तैसिय गोरज भाल विराजत, तैसी हिये बनमाल लसी है।
Poet: रसखान
Sohat hai chandwa sir mor ko, taisiy sundar paag kasi hai.
Taisiy gorj bhaal viraajat, taisi hiye banmaal lasi hai.
Poet: रसखान

मीराबाई Shayari in Hindi

अधर सुधारस मुरली राजत, उर बैजंती-माल।।
छुद्र घंटिका कटि तट सोभित, नूपुर सबद रसाल।
Poet: मीराबाई
Adhar sudhaaras murli raajat, ur Baijanti-maal.
Chhudr ghantika kati tat sobhit, noopur sabad rasaal.
Poet: मीराबाई
मेरे तो गिरधर गोपाल दूसरो न कोई।।
जाके सिर मोर मुकुट मेरो पति सोई।
Poet: मीराबाई
Mere to Girdhar Gopal doosro na koi.
Jaake sir mor mukut mero pati soi.
Poet: मीराबाई
जागो बंसीवारे जागो मोरे ललन।
रजनी बीती भोर भयो है घर घर खुले किवारे।
Poet: मीराबाई
Jaago Banseevaare jaago more lalan.
Rajni beeti bhor bhayo hai ghar ghar khule kivaare.
Poet: मीराबाई
तोसों लाग्यो नेह रे प्यारे, नागर नंद कुमार।
मुरली तेरी मन हर्यो, बिसर्यो घर-व्यौहार॥
Poet: मीराबाई
Tosaun laagyo neh re pyaare, Naagar Nand Kumaar.
Murli teri man haryo, bisaryo ghar-vyauhaar.
Poet: मीराबाई

Best Krishna Janmashtami Wishes in hindi


कृष्ण जन्माष्टमी हमारे जीवन का एक खास दिन होता है। यह हमें जीवन के खूबसूरत पलों को याद करने का मौका देता है। इस खास दिन पर, अपने परिवार और दोस्तों को बधाई देने का सबसे अच्छा तरीका है - कृष्ण जन्माष्टमी की बधाईयाँ।


कृष्ण जन्माष्टमी की बधाईयाँ का उपयोग करके, आप अपने परिवार और दोस्तों को एक खूबसूरत अहसास दे सकते हैं। यह एक अच्छा तरीका है अपनी भावनाओं को व्यक्त करने का और उन्हें आपके साथ खुशी मनाने का।


यहाँ कुछ कृष्ण जन्माष्टमी की बधाईयाँ के उदाहरण हैं जो आप कृष्ण जन्माष्टमी के दिन अपने परिवार और दोस्तों के साथ शेयर कर सकते हैं:




आप इन बधाईयों के साथ एक खास और यादगार कृष्ण जन्माष्टमी का अनुभव कर सकते हैं। इसे सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म्स पर शेयर करके, अपने दोस्तों को भी इस खूबसूरत दिन का हिस्सा बना सकते हैं।


हमेशा याद रखें, कृष्ण जन्माष्टमी की बधाईयों में वह खास भावना होती है, जो शब्दों से व्यक्त नहीं की जा सकती।


कृष्ण जन्माष्टमी का आयोजन भारत में श्रावण मास की अष्टमी को होता है। इस साल, यह 6-7 सितंबर, 2023 को मनाया जाएगा


कृष्ण जन्माष्टमी का महत्व भारतीय संस्कृति में बहुत अधिक है। यह त्योहार भगवान कृष्ण के जन्मदिन के रूप में मनाया जाता है, जो भगवान विष्णु के आठवें अवतार माने जाते हैं. यह त्योहार भारत के सबसे पुराने त्योहारों में से एक है और यह हिन्दू पौराणिक कथाओं के सबसे प्यारे और शरारती पात्रों के रूप में मनाया जाता है.


भगवान कृष्ण का जन्म मथुरा में श्रावण मास में हुआ था और उन्होंने अपना बचपन वृंदावन में बिताया. इन शहरों में त्योहार की तैयारियाँ कई सप्ताह पहले ही शुरू हो जाती हैं, सड़कों और घरों को सजाया जाता है और देवता के लिए स्वादिष्ट प्रसाद बनाया जाता है.


भगवान कृष्ण के जन्म की कहानी भारतीय संस्कृति का महत्वपूर्ण हिस्सा है। उनका जन्म मथुरा के राजा कंस के शासनकाल में हुआ था, जो उस समय दुःखी था. कंस की बहन देवकी ने वसुदेव से विवाह किया था और उनके विवाह के दिन, बादलों ने भविष्यवाणी की थी कि उनका आठवां पुत्र कंस की मृत्यु का कारण बनेगा. कंस ने तुरंत ही देवकी और वसुदेव को कैद कर दिया और उनके सभी बच्चों को मार दिया. लेकिन, जब देवकी का आठवां बच्चा (भगवान कृष्ण) पैदा हुआ, तो वसुदेव ने उसे गोकुल में नंद और यशोदा के पास ले जाया, जहां उन्होंने अपना बचपन बिताया.


जन्माष्टमी के दिन, लोग भगवान कृष्ण की मूर्ति की पूजा करते हैं, भजन और कीर्तन करते हैं, और रात में जगरण रखते हैं. यह त्योहार भारत के हर हिस्से में विशेष धूमधाम से मनाया जाता है.


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