गणतंत्र दिवस की शुभकामनाएं | Republic Day Wishes in Hindi
Updated: October 2026
26 जनवरी 1950 को भारत का संविधान लागू हुआ और हम पूर्ण रूप से गणतंत्र बने। यह दिन हर भारतीय के लिए गर्व का दिन है। नीचे दी गई शुभकामनाएं देशभक्ति की भावना से भरी हैं — स्कूल, कॉलेज, ऑफिस या सोशल मीडिया कहीं भी share कर सकते हैं।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
Republic Day और Independence Day में क्या फर्क है?
स्वतंत्रता दिवस (15 अगस्त) आज़ादी का दिन है; गणतंत्र दिवस (26 जनवरी) संविधान लागू होने का दिन है।
स्कूल assembly के लिए short wish कौन सी अच्छी है?
तिरंगे और संविधान का जिक्र करने वाली, 2-3 लाइनों की देशभक्ति शायरी सबसे प्रभावी होती है।
क्या ये messages WhatsApp status के लिए ठीक हैं?
हाँ, हर wish 200 अक्षरों के अंदर है जो status के लिए perfect है।
Best Republic Day Wishes in hindi
गणतंत्र दिवस हर भारतीय के जीवन में एक खास मौका होता है। यह एक दिन नहीं, बल्कि एक खास अनुभव का सफर है,
जो हमें भारतीय संविधान के प्रारंभिक मोमेंट्स को याद करने का अवसर देता है। इस खास मौके पर, अपने
दोस्तों और परिवारवालों को बधाई देने का सबसे प्यारा तरीका है - गणतंत्र दिवस की शुभकामनाएं।
गणतंत्र दिवस की शुभकामनाएं देकर, आप अपने चाहने वालों को एक सुंदर अहसास दिला सकते हैं। यह एक सुंदर
रूप है अपनी भावनाओं को व्यक्त करने का और उन्हें आपके साथ हर्षित करने का।
यहाँ कुछ गणतंत्र दिवस की शुभकामनाएं के उदाहरण हैं जो आप गणतंत्र दिवस के मौके पर अपने दोस्तों और
परिवारवालों के
साथ साझा कर सकते हैं:
मिट्टी की जो खुशबु है, हर इत्र से अच्छी है, हर सांस में भारत माँ, है ऐसा देश कहाँ। Happy Republic Day.
[Transliteration needed - मिट्टी की जो खुशबु है, हर इत्र...]
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वतन हमारा ऐसे न छोड़ पाए कोई, रिश्ता हमारा ऐसे न तोड़ पाए कोई, दिल हमारा एक है एक हमारी जान, हिन्दुस्तान हमारा है और हम है इसकी शान, आप सभी को गणतंत्र दिवस की हार्दिक शुभकामनाएँ।
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दे सलामी इस तिरंगे को, जिससे तेरी शान है, सर हमेशा ऊंचा रखना इसका, जब तक तुझ में जान है, गणतंत्र दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं।
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कतरा कतरा दे दूंगा अपने वतन के लिए, रात और दिन बॉर्डर पर पहरा दूंगा अपने वतन के लिए, ये कुर्बानी है मेरी मेरे देश के लिए जरुरत आने पर, अपनी जान भी दूंगा अपने वतन के लिए।
[Transliteration needed - कतरा कतरा दे दूंगा अपने वतन के...]
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आओ झुक कर सलाम करे उनको, जिनके हिस्से में ये मुकाम आता है, खुशनसीब होता है वो खून जो देश के काम आता है। Happy Republic Day.
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आज सलाम है उनको, जिनके कारण ये दिन आता है, खुशनसीब होती है वो माँ, जिनके बच्चों का बलिदान इस देश के काम आता है, गणतंत्र दिवस मुबारक हो।
[Transliteration needed - आज सलाम है उनको, जिनके कारण ये...]
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आप इन शुभकामनाओं के साथ एक खास और यादगार गणतंत्र दिवस अनुभव कर सकते हैं। इसे सोशल मीडिया
प्लेटफ़ॉर्म्स
पर शेयर करके, अपने दोस्तों को भी इस सुंदर क्षण का हिस्सा बना सकते हैं।
हमेशा याद रखें, गणतंत्र दिवस की शुभकामनाएं में छुपा है वह खास महसूस, जो शब्दों से कहा नहीं जा सकता।
गणतंत्र दिवस, जिसे रिपब्लिक डे भी कहा जाता है, भारत में हर साल 26 जनवरी को मनाया जाता है. यह दिन
भारतीय संविधान के लागू होने की खुशी मनाता है, जो 1950 में हुई थी. इस दिन देशभर में विभिन्न
सांस्कृतिक और राजनीतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं. नई दिल्ली में राष्ट्रपति द्वारा झंडा फहराने का
कार्यक्रम और गणतंत्र दिवस परेड होता है, जिसमें भारतीय सेना के विभिन्न इकाइयों, राज्यों और केंद्र
शासित प्रदेशों की सांस्कृतिक झांकियां शामिल होती हैं.
गणतंत्र दिवस का वर्ष 2024 का उत्सव बुधवार, 26 जनवरी को मनाया जाएगा.
Maithili Sharan Gupt Shayari in Hindi
भारत माता का मंदिर यह समता का संवाद जहाँ,
Poet: Maithili Sharan Gupt
Bharat mata ka mandir yeh Samta ka samvad jahan
Poet: Maithili Sharan Gupt
सबका शिव कल्याण यहाँ है पावें सभी प्रसाद यहाँ ।
Poet: Maithili Sharan Gupt
Sabka shiv kalyan yahan hai Pawen sabhi prasad yahan
Poet: Maithili Sharan Gupt
कोटि-कोटि कंठों से मिलकर उठे एक जयनाद यहाँ
Poet: Maithili Sharan Gupt
Koti-koti kanthon se milkar Uthe ek jayanad yahan
Poet: Maithili Sharan Gupt
नीलांबर परिधान हरित पट पर सुन्दर है। सूर्य-चन्द्र युग मुकुट, मेखला रत्नाकर है॥
Poet: Maithili Sharan Gupt
Neelambar paridhan harit pat par sundar hai Surya-chandra yug mukut, mekhala ratnakar hai
Poet: Maithili Sharan Gupt
हे शरणदायिनी देवि, तू करती सब का त्राण है। हे मातृभूमि! सन्तान हम, तू जननी, तू प्राण है॥
Poet: Maithili Sharan Gupt
He sharandayini devi, tu karti sab ka tran hai He matribhumi! santan hum, tu janani, tu pran hai
Poet: Maithili Sharan Gupt
मस्तक ऊँचा हुआ मही का, धन्य हिमालय का उत्कर्ष। हरि का क्रीड़ा-क्षेत्र हमारा, भूमि-भाग्य-सा भारतवर्ष॥
Poet: Maithili Sharan Gupt
Mastak ooncha hua mahi ka, dhanya Himalay ka utkarsh Hari ka krida-kshetra hamara, bhumi-bhagya-sa Bharatvarsh
Poet: Maithili Sharan Gupt
मुक्त गगन में, मुक्त पवन में, इसको ऊँचा उड़ने दो।
Poet: Maithili Sharan Gupt
Mukt gagan mein, mukt pawan mein Isko ooncha udne do
Poet: Maithili Sharan Gupt
पूज्य पुनीत मातृ-मन्दिर का, झण्डा क्या झुक सकता है?
Poet: Maithili Sharan Gupt
Pujya punit matri-mandir ka Jhanda kya jhuk sakta hai?
Poet: Maithili Sharan Gupt
More Classic Shayari by Great Poets
सारे जहाँ से अच्छा हिन्दोसिताँ हमारा हम बुलबुलें हैं इसकी यह गुलसिताँ हमारा
Poet: Mohammad Iqbal
Saare jahan se achha Hindositan hamara Hum bulbulein hain iski yeh gulsitan hamara
Poet: Mohammad Iqbal
कुछ बात है कि हस्ती मिटती नहीं हमारी सदियों रहा है दुश्मन दौर-ए-ज़माँ हमारा
Poet: Mohammad Iqbal
Kuch baat hai ki hasti mitti nahin hamari Sadiyon raha hai dushman daur-e-zamaan hamara
Poet: Mohammad Iqbal
भारति, जय, विजय करे कनक-शस्य-कमल धरे!
Poet: Suryakant Tripathi Nirala
Bharati, jay, vijay kare Kanak-shasya-kamal dhare
Poet: Suryakant Tripathi Nirala
मुकुट शुभ्र हिम-तुषार प्राण प्रणव ओंकार
Poet: Suryakant Tripathi Nirala
Mukut shubhra him-tushar Pran pranav omkar
Poet: Suryakant Tripathi Nirala
अरुण यह मधुमय देश हमारा। जहाँ पहुँच अनजान क्षितिज को मिलता एक सहारा।।
Poet: Jaishankar Prasad
Arun yeh madhumay desh hamara Jahan pahunch anjaan kshitij ko milta ek sahara
Poet: Jaishankar Prasad
जियें तो सदा इसी के लिए, यही अभिमान रहे यह हर्ष निछावर कर दें हम सर्वस्व, हमारा प्यारा भारतवर्ष
Poet: Jaishankar Prasad
Jiyen to sada isi ke liye, yahi abhiman rahe yah harsh Nichhavar kar den hum sarvasv, hamara pyara Bharatvarsh
Poet: Jaishankar Prasad
सुरसरि सी सरि है कहाँ मेरु सुमेर समान। जन्मभूमि सी भू नहीं भूमण्डल में आन।।
Poet: Ayodhya Singh Upadhyay Hariaudh
Sursari si sari hai kahan meru sumer saman Janmabhoomi si bhoo nahin bhoomandal mein aan
Poet: Ayodhya Singh Upadhyay Hariaudh
योगी बन उसके लिये हम साधे सब योग। सब भोगों से हैं भले जन्मभूमि के भोग।।
Poet: Ayodhya Singh Upadhyay Hariaudh
Yogi ban uske liye hum sadhe sab yog Sab bhogon se hain bhale janmabhoomi ke bhog
Poet: Ayodhya Singh Upadhyay Hariaudh
हे वंदनीय भारत, अभिनंदनीय भारत हे न्याय-बंधु, निर्भय, निर्बंधनीय भारत
Poet: Shridhar Pathak
He vandaniya Bharat, abhinandaniya Bharat He nyay-bandhu, nirbhay, nirbandhaniya Bharat
Poet: Shridhar Pathak
जय जय प्यारा, जग से न्यारा शोभित सारा, देश हमारा,
Poet: Shridhar Pathak
Jai jai pyara, jag se nyara Shobhit sara, desh hamara
Poet: Shridhar Pathak
छत्तीस कोटि भाई सेवक सपूत जिसके। भारत सिवाय दूजा वह देश कौन-सा है?