महाशिवरात्रि की शुभकामनाएं | Mahashivratri Wishes in Hindi

Updated: October 2026

महाशिवरात्रि भगवान शिव और माँ पार्वती के विवाह का पावन रात्रि है। इस दिन व्रत, जागरण और बेलपत्र चढ़ाने से मनोकामनाएं पूरी होती हैं। शिवभक्तों के लिए हमने ऐसी शुभकामनाएं चुनी हैं जो भक्ति और शक्ति का संगम हैं।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

महाशिवरात्रि का व्रत कैसे रखें?

निर्जला या फलाहार व्रत, रात्रि जागरण और 'ॐ नमः शिवाय' का जप — परंपरा के अनुसार।

शिव चालीसा के साथ क्या भेजें?

शिव की महिमा वाली एक छोटी शायरी और 'हर हर महादेव' का जयघोष — perfect combination।

Office में किस tone में wish भेजें?

सादगी और सकारात्मकता वाली शुभकामना, बिना धार्मिक आग्रह के।

Best Mahashivratri Wishes in hindi


महाशिवरात्रि हमारे जीवन का एक खास दिन होता है। यह हमें जीवन के खूबसूरत पलों को याद करने का मौका देता है। इस खास दिन पर, अपने परिवार और दोस्तों को बधाई देने का सबसे अच्छा तरीका है - महाशिवरात्रि की बधाईयाँ।


महाशिवरात्रि की बधाईयाँ का उपयोग करके, आप अपने परिवार और दोस्तों को एक खूबसूरत अहसास दे सकते हैं। यह एक अच्छा तरीका है अपनी भावनाओं को व्यक्त करने का और उन्हें आपके साथ खुशी मनाने का।


यहाँ कुछ महाशिवरात्रि की बधाईयाँ के उदाहरण हैं जो आप महाशिवरात्रि के दिन अपने परिवार और दोस्तों के साथ शेयर कर सकते हैं:




आप इन बधाईयों के साथ एक खास और यादगार महाशिवरात्रि का अनुभव कर सकते हैं। इसे सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म्स पर शेयर करके, अपने दोस्तों को भी इस खूबसूरत दिन का हिस्सा बना सकते हैं।


हमेशा याद रखें, महाशिवरात्रि की बधाईयाँ में वह खास भावना होती है, जो शब्दों से व्यक्त नहीं की जा सकती।


महाशिवरात्रि का आयोजन भारत में फाल्गुन मास की चतुर्दशी को होता है। इस साल, यह 8 मार्च, 2024 को मनाया जाएगा.


महाशिवरात्रि का महत्व भारतीय संस्कृति में बहुत अधिक है। यह त्योहार भगवान शिव के जन्मदिन के रूप में मनाया जाता है, जो भगवान विष्णु के आठवें अवतार माने जाते हैं. यह त्योहार भारत के सबसे पुराने त्योहारों में से एक है और यह हिन्दू पौराणिक कथाओं के सबसे प्यारे और शरारती पात्रों के रूप में मनाया जाता है.


भगवान शिव का जन्म मथुरा में श्रावण मास में हुआ था और उन्होंने अपना बचपन वृंदावन में बिताया. इन शहरों में त्योहार की तैयारियाँ कई सप्ताह पहले ही शुरू हो जाती हैं, सड़कों और घरों को सजाया जाता है और देवता के लिए स्वादिष्ट प्रसाद बनाया जाता है.

तुलसीदास Shayari in Hindi

को जाँचिये संभु तजि आन
दीनदयालु भगत-आरति-हर, सब प्रकार समरथ भगवान
Poet: तुलसीदास
Ko jaanchiye Sambhu taji aan
Deendayaalu bhagat-aarti-har, sab prakaar samarath bhagwaan
Poet: तुलसीदास
कालकूट-जुर जरत सुरासुर, निज पन लागि किये बिष पान
दारुन दनुज. जगत-दुखदायक, मारेउ त्रिपुर एक ही बान
Poet: तुलसीदास
Kaalkoot-jur jarat suraasur, nij pan laagi kiye bish paan
Daarun danuj jagat-dukhdaayak, maareu tripur ek hi baan
Poet: तुलसीदास
जो गति अगम महामुनि दुर्लभ, कहत संत, श्रुति, सकल पुरान
सो गति मरन-काल अपने पुर, देत सदासिव सबहिं समान
Poet: तुलसीदास
Jo gati agam mahamuni durlabh, kahat sant, shruti, sakal puraan
So gati maran-kaal apne pur, det Sadaasiv sabahin samaan
Poet: तुलसीदास
स्ेावहु सिव-चरन-सरोज-रेनु
कल्यान-अखिल-प्रद कामधेनु
Poet: तुलसीदास
Sevahu Siv-charan-saroj-renu
Kalyaan-akhil-prad kaamdhenu
Poet: तुलसीदास
कर्पूर-गौर, करूना-उदार
संसार-सार, भुजगेन्द्र-हार
Poet: तुलसीदास
Karpoor-gaur, karoona-udaar
Sansaar-saar, bhujagendra-haar
Poet: तुलसीदास
सुख-जन्मभूमि, महिमा अपार
निर्गुन, गुननायक, निराकार
Poet: तुलसीदास
Sukh-janmabhoomi, mahima apaar
Nirgun, gunnayak, niraakaar
Poet: तुलसीदास
त्रयनयन, मयन-मर्दन महेस
अहँकार-निहार-उदित दिनेस
Poet: तुलसीदास
Trayanayan, mayan-mardan Mahes
Ahankaar-nihaar-udit dines
Poet: तुलसीदास
Advertisement
उपकारी कोऽपर हर-समान
सुर-असुर जरत कृत गरल पान
Poet: तुलसीदास
Upkaari ko'par Har-samaan
Sur-asur jarat krit garal paan
Poet: तुलसीदास
बिग्यान-भवन, गिरिसुता-रमन
कह तुलसिदास मम त्राससमन
Poet: तुलसीदास
Bigyaan-bhavan, Girisuta-ramana
Kah Tulsidas mam traas-samana
Poet: तुलसीदास
जँाचिये गिरिजापति कासी
जासु भवन अनिमादिक दासी
Poet: तुलसीदास
Jaanchiye Girijapati Kaasi
Jaasu bhavan animaadik daasi
Poet: तुलसीदास
औढर-दानि द्रवत पुनि थोरें
सकत न देखि दीन कर जोरें
Poet: तुलसीदास
Aurhar-daani dravat puni thore
Sakat na dekhi deen kar jore
Poet: तुलसीदास
जो गति अगम महामुनि गावहिं
तव पुर कीट पतंगहु पावहिं
Poet: तुलसीदास
Jo gati agam mahamuni gaavahin
Tav pur keet patangahu paavahin
Poet: तुलसीदास
भस्म अंग, मर्दन अनंग, संतत असंग हर
सीस गंग, गिरिजा अर्धंग भुजंगबर
Poet: तुलसीदास
Bhasm ang, mardan anang, santat asang Har
Sees Gang, Girija ardhang bhujangbar
Poet: तुलसीदास
त्रिपुरारि त्रिलेाचन, दिग्बसन, बिषभोजन, भवभयहरन
कह तुलसिदासु सेवत सुलभ सिव सिव संकर सरन
Poet: तुलसीदास
Tripuraari trilochan, digbasan, bishbhojan, bhavbhayharan
Kah Tulsidasu sevat sulabh Siv Siv Sankar saran
Poet: तुलसीदास
जात जरे सब लोक बिलोकि तिलोचन सो बिषु लोकि लियो है
पान कियो बिषु ,भूषन भो, करूनाबरूनालय साइँ-हियो है
Poet: तुलसीदास
Jaat jare sab lok biloki tilochan so bishu loki liyo hai
Paan kiyo bishu, bhooshan bho, karunaa-brunaalay saain-hiyo hai
Poet: तुलसीदास
तुलसी बिसाल गोरे गात बिलसति भूति
मानो हिमगिरि चारू चाँदनी सरदकी
Poet: तुलसीदास
Tulsi bishaal gore gaat bilasati bhooti
Maano Himagiri chaaru chaandani saradki
Poet: तुलसीदास
बारि बुंद चारि त्रिपुरारि पर डारिये तौ
देत फल चारि , लेत सेवा साँची मानि सो
Poet: तुलसीदास
Baari bund chaari Tripuraari par daariye tau
Det phal chaari, let seva saanchi maani so
Poet: तुलसीदास
Advertisement
दारिद दमन दुख-दोष दाह दावानल
दुनी न दयाल दूजो दानि सूलपानि-सो
Poet: तुलसीदास
Daarid daman dukh-dosh daah daavaanal
Duni na dayaal doojo daani Soolpaani-so
Poet: तुलसीदास
जानंे , बिनु जानें, कै रिसानें , केलि कबहुँक
सिवहि चढ़ाइ ह्वैहैं बेलके पतौवा द्वै
Poet: तुलसीदास
Jaane, binu jaane, kai risaane, keli kabahunk
Sivahi chadhaai hvaihain bel ke patauva dvai
Poet: तुलसीदास
आकके पतौआ चारि, फूल कै धतूरेके द्वै
दीन्हें ह्वैहैं बारक पुरारिपर डारिकै
Poet: तुलसीदास
Aak ke patauaa chaari, phool kai dhatoore ke dvai
Deenhe hvaihain baarak Puraari par daari kai
Poet: तुलसीदास

More Classic Shayari by Great Poets

पहले नाम गनेश का, लीजै सीस नवाय
जासे कारज सिद्ध हों सदा महूरत लाय
Poet: नज़ीर अकबराबादी
Pahle naam Ganesh ka, leejai sees navaay
Jaase kaaraj siddh hon sada mahoorat laay
Poet: नज़ीर अकबराबादी
और जिसने इस व्याह की, महिमा कही बनाय
उसके भी हर हाल में शिव जी रहें सहाय
Poet: नज़ीर अकबराबादी
Aur jisne is vyaah ki, mahima kahi banaay
Uske bhi har haal mein Shiv ji rahen sahaay
Poet: नज़ीर अकबराबादी
ततखन पहुँचे आइ महेसू । बाहन बैल, कुस्टि कर भेसू
काथरि कया हडावरि बाँधे । मुंड-माल औ हत्या काँधे
Poet: मलिक मोहम्मद जायसी
Tatkhan pahunche aai Mahesu
Baahan bail, kustri kar bhesu
Poet: मलिक मोहम्मद जायसी
सेसनाग जाके कँठमाला । तनु भभुति, हस्ती कर छाला
पहुँची रुद्र-कवँल कै गटा । ससि माथे औ सुरसरि जटा
Poet: मलिक मोहम्मद जायसी
Sesnaag jaake kanth-maala
Tanu bhabhuti, hasti kar chhaala
Poet: मलिक मोहम्मद जायसी

Shayaries


Sad Shayari

Happy Shayari

Love Shayari

Friendship Shayari

Life Shayari

Motivational Shayari

Matlabi Duniya Shayari

Broken Shayari

Funny Shayari

Birthaday Shayari

Matlabi Dost Shayari


Wishes


New Year Wishes

Republic Day Wishes

Lohri Wishes

Makarsantri Wishes

Shivaji Jayanti Wishes

Mahashivratri Wishes

Holi Wishes

gudi Padwa Wishes

Ramadan Wishes

Rama Navami Wishes

Ambedkar Jayanti Wishes

Mother's Day Wishes

Father's Day Wishes

Muharrum Wishes

Independence day Wishes

Raksha Bandhan Wishes

Krishna Janmashtami Wishes