राम नवमी की शुभकामनाएं | Ram Navami Wishes in Hindi
Updated: October 2026
राम नवमी भगवान श्रीराम के जन्मदिवस का पवित्र पर्व है — चैत्र शुक्ल नवमी की दोपहर 12 बजे प्रभु राम का जन्म हुआ था। मर्यादा पुरुषोत्तम के आदर्श हर युग में प्रेरणा देते हैं।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
राम नवमी कब है?
चैत्र माह की शुक्ल पक्ष की नवमी — मार्च-अप्रैल के बीच।
मर्यादा पुरुषोत्तम का अर्थ क्या?
हर सीमा में रहकर सबसे श्रेष्ठ आचरण करने वाला पुरुष।
बच्चों को रामायण कैसे सिखाएं?
श्रीराम के बचपन की कहानियां, गुरुकुल की शिक्षा, और भाई प्रेम पर ज़ोर दें।
Best Rama Navami Wishes in hindi
राम नवमी हर हिंदू के जीवन में एक खास मौका होता है। यह एक दिन नहीं, बल्कि एक खास अनुभव का सफर है, जो
हमें भगवान राम के जन्म के सुंदर मोमेंट्स को याद करने का अवसर देता है। इस खास मौके पर, अपने दोस्तों
और परिवारवालों को बधाई देने का सबसे प्यारा तरीका है - राम नवमी की शुभकामनाएं।
राम नवमी की शुभकामनाएं देकर, आप अपने चाहने वालों को एक सुंदर अहसास दिला सकते हैं। यह एक सुंदर
रूप है अपनी भावनाओं को व्यक्त करने का और उन्हें आपके साथ हर्षित करने का।
यहाँ कुछ राम नवमी की शुभकामनाएं के उदाहरण हैं जो आप राम नवमी के मौके पर अपने दोस्तों और परिवारवालों
के
साथ साझा कर सकते हैं:
आप इन शुभकामनाओं के साथ एक खास और यादगार राम नवमी अनुभव कर सकते हैं। इसे सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म्स
पर शेयर करके, अपने दोस्तों को भी इस सुंदर क्षण का हिस्सा बना सकते हैं।
हमेशा याद रखें, राम नवमी की शुभकामनाएं में छुपा है वह खास महसूस, जो शब्दों से कहा नहीं जा सकता।
राम नवमी, जिसे रामनवमी, श्री राम नवमी भी कहा जाता है, एक हिंदू त्योहार है जो भगवान राम के जन्म की
खुशी मनाता है. यह त्योहार हिंदू पंचांग के चैत्र मास के नवमी तिथि पर मनाया जाता है, जो आमतौर
पर मार्च या अप्रैल में आता है राम अयोध्या के राजा दशरथ और रानी कौसल्या के पहले पुत्र थे और
मान्यता है कि वे हिंदू भगवान विष्णु के सातवें अवतार थे.
राम नवमी का वर्ष 2024 का उत्सव मंगलवार, 16 अप्रैल 2024 को मनाया
जाएगा.
तुलसीदास Shayari in Hindi
जोग लगन ग्रह बार तिथि सकल भए अनुकूल। चर अरु अचर हर्षजुत राम जनम सुखमूल॥
Poet: तुलसीदास
Jog lagan grah baar tithi sakal bhaye anukool. Char aru achar harshjut Ram janam sukhmool.
Poet: तुलसीदास
नौमी तिथि मधु मास पुनीता। सुकल पच्छ अभिजित हरिप्रीता॥ मध्यदिवस अति सीत न घामा। पावन काल लोक बिश्रामा॥
Poet: तुलसीदास
Naumi tithi madhu maas puneeta. Sukal pachchh abhijit Hariprita. Madhyadivas ati seet na ghaama. Paavan kaal lok bishraama.
Poet: तुलसीदास
सीतल मंद सुरभि बह बाऊ। हरषित सुर संतन मन चाऊ॥ बन कुसुमित गिरिगन मनिआरा। स्त्रवहिं सकल सरिताऽमृतधारा॥
Poet: तुलसीदास
Seetal mand surabhi bah baau. Harshit sur santan man chaau. Ban kusumit girigan maniaara. Strawahin sakal saritaa-amritdhaara.
Poet: तुलसीदास
सुर समूह बिनती करि पहुँचे निज निज धाम। जगनिवास प्रभु प्रगटे अखिल लोक बिश्राम॥
Poet: तुलसीदास
Sur samooh binati kari pahunche nij nij dhaam. Jagnivaas prabhu pragte akhil lok bishraam.
Poet: तुलसीदास
भए प्रगट कृपाला दीनदयाला कौसल्या हितकारी। हरषित महतारी मुनि मन हारी अद्भुत रूप बिचारी॥